हांसी, हरियाणा। हरियाणा के हांसी जिले के चानौत गांव में पेयजल संकट को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन ने बड़ी रूपरेखा ली है। ग्रामीणों और किसानों ने सोमवार को हांसी की ओर बिछाई जा रही पाइपलाइन उखाड़ दी, जिससे प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि इस मामले में 31 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कानून व्यवस्था भंग करने और सड़कों को जाम करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी विनोद कुमार ने पत्रकारों से कहा, “हमने पहले भी किसानों और ग्रामीणों से चर्चा की थी कि वे शांति बनाए रखें और कानून हाथ में न लें। बावजूद इसके, इन लोगों ने अनियंत्रित प्रदर्शन किया, जिसके कारण हमें विधिक कार्रवाई करनी पड़ी। इनकी गिरफ्तारी के लिए जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पाइपलाइन के साथ सड़क किनारे रखी नलिकाओं को भी सड़क पर डाल दिया था, जिससे हांसी-बरवाला रोड पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच कर यातायात बहाल किया गया। एसपी ने साफ कही कि यदि भविष्य में भी कानून-व्यवस्था खराब हुई तो और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
प्रदर्शन के बढ़ने पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है ताकि शांति बनी रहे।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण पिछले 17 दिनों से भाखड़ा पेयजल परियोजना के तहत हांसी शहर को पानी उपलब्ध कराने के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन की कार्यवाही रोककर धरने पर बैठे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि पाइपलाइन के माध्यम से पीने का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांव चानौत को भी स्थायी पेयजल कनेक्शन दिया जाए। उनका मानना है कि जब पाइपलाइन उनके गांव से गुजर रही है, तो उन्हें भी इस सुविधा से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
यह आंदोलन स्थानीय लोगों की जल संकट की समस्या को उजागर करता है और प्रशासन से सहयोग की उम्मीद जताता है। हालांकि, प्रशासन ने साफ किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि शांति और व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
