चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता संपत सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वे बढ़ती ईंधन कीमतों को तुरंत कम करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर 31 मई तक पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दामों में कोई कमी नहीं आई, तो 1 जून से हरियाणा में इनेलो के कार्यकर्ता बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
संपत सिंह ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आम जनता पहले से ही महंगाई से पीड़ित है और लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें लोगों की आर्थिक कमर तोड़ रही हैं। वे कहते हैं कि चुनाव से पहले लोगों को जो आश्वासन दिए जाते हैं, चुनाव के बाद उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। सरकारें केवल वोट के समय राहत का वादा करती हैं, लेकिन चुनाव के बाद महंगाई में लगातार वृद्धि ही की जाती है।
उन्होंने घरेलू गैस सिलेंडर और कॉमर्शियल ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को गंभीर बताया। उनका कहना था, “होटल, छोटे व्यापारी और आम नागरिक इस बढ़ी हुई कीमतों से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। यह केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर घर के बजट की सीधी मार है।”
संपत सिंह ने कहा कि देश का हर वर्ग – किसान हो, मजदूर हो, व्यापारी या नौकरीपेशा कर्मचारी, सभी महंगाई की मार झेल रहे हैं। विशेषतः छोटे और मध्यम वर्ग की स्थिति सबसे खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और तेल कंपनियां मिलकर जनता को महंगाई की जकड़ में फंसा रही हैं और इस प्रक्रिया में अपना मुनाफा बढ़ा रही हैं, जिसका भार सीधे आम जनता पर पड़ता है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि इसका जो लाभ होता है वह सीधे आम जनता तक नहीं पहुंचता, जबकि नुकसान और बोझ जनता को ही उठाना पड़ता है।
आखिर में उन्होंने दोहराया कि यदि 31 मई तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 जून से हरियाणा में विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन होंगे, जिनमें बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जाहिर करेंगे।
इनेलो के इस अल्टीमेटम से केंद्र और राज्य सरकारों पर ईंधन मूल्य को लेकर दबाव और बढ़ सकता है, क्योंकि बढ़ती महंगाई हर क्षेत्र की आम जनता को सीधे प्रभावित कर रही है।
