यह साधारण मुलाकात नहीं, यह है रेकी: संजीव अरोड़ा से मिलने सीएम भगवंत मान पर बिट्टू का इलजाम

चंडीगढ़/गुरुग्राम। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा से गुरुग्राम जेल में मुलाकात करने पर तीखा हमला किया है। बिट्टू ने यह साफ कर दिया कि यह बातचीत मात्र एक सामान्य मुलाकात नहीं थी बल्कि इसके पीछे कई गहमागहमी और राजनीतिक समीकरण छिपे हुए हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह बैठक ‘‘रेकी’’ जैसा क़दम है, जिससे आने वाली राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के तीन महत्वपूर्ण उद्देश्य हो सकते हैं। पहला, यह बताना कि जेल में बंद व्यक्ति को अपने कमाए हुए धन को वापस करना पड़े तो इसे लेकर आश्वस्त रहना चाहिए। दूसरा, संभवतया ‘‘लूटे हुए धन’’ की जानकारी हासिल करना और तीसरा, जेल के माहौल और व्यवस्थाओं का जायजा लेना।

बिट्टू ने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, और कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य विभिन्न स्तरों पर सत्ता और प्रभाव को मजबूत करना है।

गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा को 9 मई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चंडीगढ़ में उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया गया था। उन पर धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे। गिरफ्तारी के बाद, उन्हें गुरुग्राम की विशेष अदालत द्वारा 16 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।

ईडी ने 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर के कई ठिकानों पर छापामारी की थी, जिनमें मंत्री भुट्टा के सरकारी आवास भी शामिल थे। यह जांच 2024 में शुरू हुई मामले से जुड़ी है, जिसमें औद्योगिक जमीन को रिहायशी परियोजनाओं में तब्दील करने के आरोप लगे हैं, जिससे करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका है।

इस कार्रवाई के बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र की सरकार और भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया।

अब जब सीएम भगवंत मान जेल में बंद संजीव अरोड़ा से मिलने गुरुग्राम पहुंचे, तो केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसे लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मान साहब जेल की सुविधाओं का आंकलन करने गए हैं और भविष्य में किसी अन्य नेता का भी नंबर आ सकता है। बिट्टू ने साफ कहा कि यह मुलाकात सामान्य नहीं, बल्कि ‘‘रेकी’’ की तरह है, जो आगामी राजनीतिक फैसलों का संकेत देती है।

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