हरियाणा के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित, 25 मई से 30 जून तक स्कूल होंगे बंद

चंडीगढ़। भीषण गर्मी और हीटवेव की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के समस्त सरकारी और निजी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। आदेश के अनुसार, सभी स्कूल 25 मई 2026 (सोमवार) से 30 जून 2026 (मंगलवार) तक बंद रहेंगे तथा 1 जुलाई 2026 (बुधवार) से पुनः शिक्षा कार्य शुरू हो जाएगा।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से हर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा खण्ड मौलिक शिक्षा अधिकारी को जारी कर दिया गया है। निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का सख्ती से पालन हो और किसी भी तरह के उल्लंघन की सूचना उच्चस्तर पर तुरंत पहुंचाई जाए।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि परिषदों एवं विद्यालयों द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश की जानकारी विद्यार्थियों और अभिभावकों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए। इसके तहत स्कूल के नोटिस बोर्ड, एसएमएस, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल माध्यमों से सूचना प्रसारित करने का निर्देश दिया गया है। अवकाश के दौरान गृहकार्य, स्थानीय एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) की बैठकें, पीटीएम एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों का नियमानुसार संचालन सुनिश्चित किया जाए।

ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने तक मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत मिड-डे मील का वितरण भी स्थगित रहेगा।

यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वस्थ्य संरक्षण को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि अत्यधिक गर्मी और लू की मार से बच्चों को बचाया जा सके। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से तीव्र गर्मी पड़ रही है, जिसकी वजह से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर बेहद सावधानी बरतने को कहा है।

आईएमडी के निदेशक सुरिंदर पॉल ने पुष्टि की है कि अगले 48 घंटे तक भीषण गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के रोहतक जिले में तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो बेहद खतरनाक है।

सरकार ने इस अवकाश का निर्णय बच्चों की सेहत और उनकी सुरक्षा के मद्देनजर लेते हुए, सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिला कर हाइड्रेटेड रखें और जरुरत पड़ने पर ही बाहर ले जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने भी आम जनता से राहगीरी के दौरान खुद को धूप से बचाने का अनुरोध किया है।

इस मौसम में लू से बचाव के लिए विशेषज्ञ लगातार सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं, जिसमें समय-समय पर विश्राम करना, खुले और ठंडे स्थानों पर रहना और पोषक आहार लेना शामिल है। स्कूल शिक्षकों, स्टाफ और स्थानीय प्रशासन से भी अपेक्षा की जा रही है कि वे इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें ताकि बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी समय से पुनः यथावत प्रारंभ हो सके।

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