नई दिल्ली, दिल्ली। कांग्रेस नेता ने मंगलवार को बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि वह पिछड़े और हाशिए पर रखे गए वर्गों के लिए आरक्षण को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि सरकार की नीतियां उन गरीब और कमजोर वर्गों को कमजोर कर रही हैं जिन्हें आरक्षण सुनिश्चित सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करता है। पार्टी ने कहा कि आरक्षण संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने में मदद करता है।
इस अवसर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “आरक्षण की रक्षा करना हमारे संवैधानिक कर्तव्य का हिस्सा है। बीजेपी की सरकार आरक्षण को समाप्त करने की कोशिश कर रही है, जिससे सामाजिक न्याय की नींव कमजोर होगी।”
वहीं विपक्षी नेताओं ने भी सरकार से आग्रह किया कि वह न्यायसंगत नीतियों को सुरक्षित रखे और दलित, पिछड़ी एवं अन्य कमजोर जातियों को दिए गए आरक्षण को खत्म करने की किसी भी योजना से तत्काल वापस ले। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार की कोई भी कार्रवाई देश के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करेगी और सामाजिक ऐक्य के लिए गंभीर खतरा बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आरक्षण व्यवस्था भारत के सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम रही है और इसे समाप्त करना सामाजिक असमानताओं को और बढ़ावा दे सकता है। इसलिए सरकार को सावधानी पूर्वक इस विषय पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस के इस आरोप के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा और बहस जारी रहने की संभावना है।
