बधवाना वितरिका निरीक्षण: श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए

चरखी दादरी, हरियाणा। हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने बधवाना वितरिका पुनर्निर्माण परियोजना के आरडी 66700 पर चल रहे आरसीसी पाइपलाइन निर्माण कार्य को 15 जून तक पूरा करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। यह कार्य समय पर पूरा होना आवश्यक है ताकि परियोजना के लाभार्थियों तक पेयजल और सिंचाई सुविधा बिना किसी विलंब के पहुंच सके।

सोमवार को अचानक निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रुति चौधरी ने परियोजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिये। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 41.30 करोड़ रुपये है, जिसके जरिए चरखी दादरी शहर सहित 35 गांवों को जलापूर्ति सेवाएं दी जाएंगी।

मंत्री ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के लगभग 23 लाख लोगों को स्थायी और मजबूत पेयजल आपूर्ति के साथ सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बेहतर जल प्रबंधन से लगभग 15 लाख शहरी तथा 80 हजार ग्रामीण नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी, जिससे कृषि क्षेत्र में उत्पादन वृद्धि होगी और ग्रामीण विकास को नये अवसर मिलेंगे। सिचाई सुविधा मिलने से कई हेक्टेयर कृषि भूमि बेहतर बन सकेगी और इससे किसानों की आमदनी में सुधार होगा।

मंत्री ने जल आपूर्ति परियोजना के तहत वन विभाग से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने का भी निर्देश दिया ताकि कोई अड़चन उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि आरडी 42500 से 66600 तक वन विभाग के लंबित मामले शीघ्र निपटाए जाएं।

इसके साथ ही परियोजना के अंतर्गत 14 जल आपूर्ति संयंत्रों तथा ग्रामीण तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पशुधन को भी इसका लाभ मिलेगा।

श्रुति चौधरी ने बताया कि बधवाना वितरिका लगभग 50 वर्षों से क्षेत्र के लिए जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत रही है। लोक नायक चौधरी बंसी लाल के नेतृत्व में इसकी स्थापना हुई थी और अब आधुनिक तकनीक के साथ इसका पुनर्निर्माण किया जा रहा है ताकि जल प्रबंधन प्रणाली और अधिक सुदृढ़ हो सके।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार जल संसाधन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस पुनर्निर्माण कार्य में देरी या लापरवाही सहन नहीं करेगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को गुणवत्ता एवं समय की प्रतिबद्धता के साथ कार्य संपन्न करने की जरूरत है ताकि बच्चे, महिलाएं, किसान और आम जनता अपने जल संरक्षण एवं सिंचाई से जुड़े लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।

इस परियोजना के पूरा होने से जहां चरखी दादरी और आसपास के गांवों को स्थायी जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, वहीं क्षेत्रीय कृषि उत्पादन में भी वृद्धि आना तय है, जो हरियाणा के ग्रामीण विकास में एक नई क्रांति लाएगा।

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