आंध्र प्रदेश के SIPB ने ₹11 लाख करोड़ के निवेश को मंजूरी दी, मंत्री ने कलेक्टर्स सम्मेलन को बताया

अमरावती, आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश सरकार ने ज़मीन प्रशासन में क्रांति लाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। राज्य के भूमि संसाधन मंत्री आनागनी सत्य प्रसाद ने हाल ही में बताया कि सरकार ने आदंगल और पासबुक जारी करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है, जिससे किसानों और जमीन मालिकों को काफी राहत मिली है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि 1.37 लाख एकड़ जमीन को प्रतिबंधित 22A भूमि सूची से हटा दिया गया है, जिससे आवास और कृषि के लिए भूमि उपलब्धता बढ़ी है।

मंत्री आनागनी सत्य प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को अपनी जमीन के दस्तावेज आसानी से मिलें ताकि वे आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर मजबूत बन सकें। इसके लिए हमने डिजिटलाइजेशन समेत कई उपाय किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, आदंगल और पासबुक जारी करने में काफी तेजी आई है।”

उन्होंने आगे कहा कि 1.37 लाख एकड़ भूमि को 22A सूची से निकालने का निर्णय किसानों और निवेशकों दोनों के लिए फायदेमंद है। इस भूमि पर अब कृषि, आवास एवं अन्य आर्थिक गतिविधियां की जा सकेंगी, जो प्रदेश के विकास में मददगार होंगी।

मुख्य सचिव साईं प्रसाद ने कहा कि आंध्र प्रदेश की विकास यात्रा ‘स्वर्ण आंध्र 2047 विजन’ के तहत आर्थिक समृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के दस सिद्धांतों के आधार पर यह विजन सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा। “स्वर्ण आंध्र 2047 योजना प्रदेश को एक समृद्ध, ताकतवर और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है,” उन्होंने नोट किया।

स्वर्ण आंध्र 2047 विजन में तकनीकी नवाचार, कृषिकर्म में नवीनीकरण, उद्योग विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार, और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने इस विजन को पूरा करने के लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश दिए हैं।

इस सम्मेलन में कलेक्टर्स को भी संबोधित करते हुए मंत्री आनागनी सत्य प्रसाद ने कहा कि वेळ पर योजनाओं का क्रियान्वयन और केंद्र तथा राज्य सरकारों के सहयोग से ही विकास के लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कलेक्टर्स से समर्पित सेवा करने का आह्वान किया।

आंध्र प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी। आदंगल और पासबुक के डिजिटलाइजेशन से किसानों को कानूनी सुरक्षा तो मिलेगी ही, साथ ही वे वित्तीय संस्थानों से आसानी से ऋण भी प्राप्त कर सकेंगे, जो खेती को और मजबूत बनाएगा।

अंततः, प्रदेश सरकार के ये कदम एक स्थायी एवं समावेशी विकास के मार्ग पर आंध्र प्रदेश को सुनिश्चित रूप से आगे बढ़ाएंगे। स्वर्ण आंध्र 2047 की पूरी योजना से राज्य में निवेश, रोजगार और सामाजिक कल्याण के नवीन अवसर सृजित होंगे।

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