Bangalore, Karnataka
म्यूसियम ऑफ आर्ट एंड फोटोग्राफी (MAP) ने अपनी दूसरी स्थायी प्रदर्शनी “बिनीथ द टर्निंग स्काई” का भव्य उद्घाटन किया है, जो कला और फोटोग्राफी के माध्यम से मानव जाति की गूढ़ और अनवरत खोजों को प्रस्तुत करता है। यह प्रदर्शनी मानव जीवन के कई पहलुओं को छूती है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है कि इंसान सदियों से आकाश के नीचे अपनी जगह को समझने की कोशिश में लगा हुआ है।
MAP के निदेशक ने इस अवसर पर कहा कि “बिनीथ द टर्निंग स्काई” सिर्फ एक कला प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक सार्वभौमिक यात्रा है जो हमारे अस्तित्व, प्रकृति और समय के साथ मानव के संबंध को दर्शाती है। इसमें कई युवा और स्थापित कलाकारों के काम शामिल हैं जो विभिन्न माध्यमों और तकनीकों का उपयोग करते हुए जीवन के गहरे चरित्र को उजागर करते हैं।
प्रदर्शनी में फोटोग्राफी, पेंटिंग, मूर्तिकला, और मल्टीमीडिया इंस्टॉलेशन्स के जरिए ऐसे प्रश्नों को खोजा गया है जो आज भी मानव मस्तिष्क को विचलित करते हैं – जैसे जीवन का अर्थ, समय का प्रवाह, और ब्रह्मांड में हमारी भूमिका। यह प्रदर्शनी उन सभी दर्शकों के लिए उपलब्ध है जो मानवता की इस अनंत यात्रा का अनुभव करना चाहते हैं।
कार्यक्रम समन्वयक ने जानकारी दी कि प्रदर्शनी में कुल 60 से अधिक कलाकृतियां हैं, जिनमें से अधिकांश पहली बार प्रदर्शित की जा रही हैं। साथ ही, यह प्रदर्शनी युवा कलाकारों को अपनी कला के जरिए मानवता के महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाने का मंच भी प्रदान करती है।
यह प्रदर्शनी Bangalore के प्रमुख कला केन्द्र महात्मा गांधी रोड पर स्थित Museum of Art and Photography में लगी है और इसे आने वाले छह महीनों तक सार्वजनिक रूप से देखा जा सकता है। संग्रहालय ने COVID-19 सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, सीमित टिकट के माध्यम से दर्शकों के लिए इसे खोला है।
दर्शक इस प्रदर्शनी की अनूठी प्रस्तुति से प्रभावित हुए हैं और कला के जरिए मानव जीवन की गूढ़ता को समझने की इस कोशिश की प्रशंसा कर रहे हैं। “बिनीथ द टर्निंग स्काई” मानवता की जिज्ञासा, संघर्ष और आशा की कहानी कहती है, जो सदियों पुरानी है और आने वाले समय में भी बनी रहेगी।
यह प्रदर्शनी MAP के विजन के अनुरूप है, जो कला और संस्कृति के माध्यम से सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने और उसे समृद्ध करने का प्रयास करता है।
