तेहरान: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बग़ेर गलीबाफ ने एक कड़े बयान में कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाला कोई भी युद्धविराम लेबनान और ईरान के सहयोगी ‘प्रतिरोध धुरी’ तक फैला होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान में युद्धविराम के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि ये उल्लंघन जारी रहते हैं तो ईरान इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
गलीबाफ ने अपनी बात रखते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम का उल्लंघन न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है। इसलिए, सभी संबंधित पक्षों को तुरंत स्थिति की गंभीरता समझते हुए आग को बुझाने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
ईरान की संसद के अध्यक्ष के इस बयान के बाद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया तेज हो गई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह कड़ा रुख लेबनान में तनाव को कम करने और संवाद के रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
माना जा रहा है कि ईरान की यह संवेदनशील प्रतिक्रिया अमेरिका को भी युद्धविराम के प्रति सचेत करने का प्रयास है ताकि मध्य पूर्व में अनावश्यक संघर्ष से बचा जा सके। इसके साथ ही, यह बयान ईरान की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि वह अपने सहयोगी देशों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है।
लेबनान में पिछले कुछ समय से युद्धविराम का उल्लंघन बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं में इज़ाफा हुआ है। ऐसे में गलीबाफ का यह सशक्त संदेश इस बात का संकेत है कि ईरान क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर गंभीर है और किसी भी प्रकार के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करेगा।
