खरगे के बयान पर अमित शाह का पलटवार, बोले- सारी मर्यादाएं तार-तार

नई दिल्ली, बिहार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने खरगे के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि खरगे ने पटना में प्रधानमंत्री के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस बयान को लेकर कांग्रेस की आलोचना की है।

यह विवाद रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक समारोह के दौरान शुरू हुआ। खरगे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों में शामिल लोगों को जेल भेजेगी। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। खबर के अनुसार, खरगे तक उस टिप्पणी का एक हिस्सा पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने मंच से जवाब देते हुए विवादित बयान दिया।

अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खरगे के बयान को अनुचित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की राजनीति में अभद्रता बढ़ती जा रही है।

शाह ने कांग्रेस पर चुनावी हार से निराश होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के पास अब नीतियों और मुद्दों के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों की राजनीति रह गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर की गई टिप्पणियों का जवाब जनता चुनावों में देती रही है।

नितिन नवीन और राजनाथ सिंह ने भी की आलोचना

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने खरगे के बयान को कांग्रेस का वैचारिक दिवालियापन बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक मर्यादा होती है और सार्वजनिक मंच से दिवंगत परिजनों को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उनके अनुसार, विपक्ष को विकास, नीतियों और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खरगे की टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना और नीतियों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस तरह की बयानबाजी को राजनीतिक स्तर में गिरावट का संकेत बताया।

भाजपा ने विरोध प्रदर्शन का किया एलान

भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नफरत और अपमान की राजनीति से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी खरगे और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने बयान को शर्मनाक बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से माफी की मांग की।

इस बीच, बिहार भाजपा कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार ने खरगे के खिलाफ पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने इस मामले को लेकर सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा भी की है।

खरगे की टिप्पणी के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस विवाद ने सार्वजनिक जीवन में नेताओं की भाषा और राजनीतिक विरोध के दौरान मर्यादा बनाए रखने के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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