भोपाल, मध्य प्रदेश
भोपाल: विजयादशमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्य, शक्ति, न्याय और राष्ट्रीय आत्मविश्वास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इस पर्व को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने और सत्य की रक्षा के लिए संकल्प लेने का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री के संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा और सामर्थ्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया गया। साथ ही मध्य प्रदेश में सुशासन, नागरिकों के सम्मान और जनकल्याण को प्रमुख लक्ष्य बताया गया।
डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी को सत्य की शक्ति और शक्ति की सार्थकता का महापर्व बताया। उनके अनुसार, यह भारतीय चेतना का ऐसा पर्व है, जो लोगों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। अन्याय कितना भी प्रबल क्यों न दिखाई दे, उसका प्रतिकार करने का संकल्प उससे अधिक महत्वपूर्ण होता है। असत्य का प्रभाव अस्थायी है, जबकि सत्य की शक्ति स्थायी रहती है। भगवान श्रीराम की विजय इसी विश्वास को स्थापित करती है।
मुख्यमंत्री के संदेश में सत्य के प्रति आस्था के साथ उसकी रक्षा के लिए साहस दिखाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। न्याय की कामना तभी सार्थक होती है, जब समाज उसके समर्थन में खड़ा हो और अन्याय का विरोध करने का संकल्प ले। विजयादशमी लोगों को अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का स्मरण कराती है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शक्ति का उद्देश्य लोककल्याण होना चाहिए। श्रीराम का धनुष पीड़ितों के लिए आश्वासन और अत्याचारियों के लिए चेतावनी का प्रतीक है। उनका पराक्रम मर्यादा से प्रेरित था तथा उनके संकल्प जनहित के लिए समर्पित थे। यह संदेश देता है कि शक्ति का सही उपयोग दूसरों की रक्षा और न्याय की स्थापना के लिए किया जाना चाहिए।
श्रीराम के वनवास का प्रसंग भी विश्वास, संगठन और सामूहिक प्रयासों के महत्व को सामने रखता है। कठिन परिस्थितियों में समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना इस बात का उदाहरण है कि सामूहिक पुरुषार्थ से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। यही विचार सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री के संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और बढ़ते सामर्थ्य को लेकर विश्वास व्यक्त किया गया। देश की सुरक्षा के प्रति संकल्प और राष्ट्रीय आत्मविश्वास को विजयादशमी के मूल संदेश से जोड़ा गया है।
मध्य प्रदेश में सुशासन, नागरिकों के सम्मान और जनकल्याण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया। इन लक्ष्यों का उद्देश्य शासन को जनहित से जोड़ने और नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी के महत्व को सामने रखना है।
विजयादशमी का संदेश केवल पर्व मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्य, साहस, मर्यादा और न्याय के मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री के विचारों में यही मूल्य सामाजिक एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनकल्याण के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
