भारतीय नौसेना के INS तीर और सुजाता का सेशेल्स दौरा सफल

भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन ने सेशेल्स में तीन दिन का महत्वपूर्ण दौरा पूरा किया है। इस दौरान INS तीर, INS सुजाता और भारतीय तटरक्षक बल के पोत सारथी ने कई समुद्री अभ्यास, प्रशिक्षण और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए। यह दौरा 12 अक्टूबर को शुरू हुआ था और 15 अक्टूबर को समाप्त हुआ।

दौरे का उद्देश्य और गतिविधियां

इस यात्रा का मुख्य मकसद भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना था। साथ ही, दोनों देशों के नौसैनिक बलों के बीच अनुभव और प्रशिक्षण साझा करना भी इसका अहम हिस्सा था। तीन दिनों में कई संयुक्त समुद्री अभ्यास और सामाजिक संपर्क कार्यक्रमों को अंजाम दिया गया।

भारतीय दल ने सेशेल्स डिफेंस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच कैपेसिटी बिल्डिंग और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

प्रशिक्षण और सामुदायिक सेवा

सेशेल्स के सैनिकों को छोटे हथियारों के इस्तेमाल और अग्निशमन के प्रशिक्षण भी दिए गए। इसके अलावा भारतीय और सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाजों के बीच संयुक्त गश्ती और संचार अभ्यास किया गया जिससे समुद्री सुरक्षा में सहयोग को मजबूत किया जा सके।

सामुदायिक कार्यक्रमों में मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया और वृद्धाश्रम में सहायता पहुंचाई गई। नौसेना बैंड की प्रस्तुति ने भी स्थानीय लोगों को खुश किया। इस प्रकार, दौरा न केवल सैन्य बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी माध्यम बना।

इस दौरे में INS तीर, INS सुजाता और तटरक्षक बल के पोत सारथी की भूमिका काफी अहम रही। ये जहाज भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के हिस्से हैं और उनके माध्यम से विदेशी अभ्यासों के दौरान नौसेनिकों का व्यावहारिक अनुभव बढ़ाया जाता है।

तीनों जहाज 12 अक्टूबर को पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे थे। वहां सेशेल्स के साथ मिलकर कई समुद्री सुरक्षा अभ्यास एवं सामुदायिक कार्य किए गए। 15 अक्टूबर को यह स्क्वाड्रन अपने अगली मंजिल के लिए आगे रवाना हो गया।

यह दौरा भारत सेशेल्स के संबंधों में मजबूती लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नौसेना के मार्जिन पर यह सहयोग दोनों देशों के समुद्री सुरक्षा ढांचे को बेहतर बनाने में सहायक होगा।

भारत की यह पहल समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में बहुपक्षीय साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ ही क्षेत्र में स्थिरता और दोस्ताना संबंध बनाने की दिशा में भी प्रभावी साबित हो रही है।

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