कोलकाता पंडाल हादसे पर ममता की TMC ने की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग

कोलकाता के चोरबागान दुर्गापूजा पंडाल में शनिवार देर शाम भगदड़ की घटना हुई, जिसमें अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। यह दुखद घटना शहर के लोगों में चिंता फैलाने वाली साबित हुई है। ममता बनर्जी ने इस घटना पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

ममता बनर्जी का दुख जताना

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की जानकारी होते ही दुख जताया और चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को ऐतिहासिक त्रासदी बताया। उन्होंने मां दुर्गा से घायलों की शीघ्र स्वस्थता और मृतकों के परिवारों को साहस देने की प्रार्थना की। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर भी साझा की गई।

ममता के दुःख व्यक्त करने से पता चलता है कि इस हादसे ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गहरा असर डाला है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और पीड़ितों की मदद करने की अपील की।

टीएमसी ने शुभेंदु सरकार पर लगाए आरोप

ममता की पार्टी टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी की सरकार पर इस घटना को लेकर तमाम गंभीर सवाल उठाए हैं। टीएमसी ने कहा है कि पुलिस प्रशासन और सरकार की तैयारी में कमी थी, जो इस भयावह स्थिति का कारण बनी। उन्होंने बचाव कार्य और इलाज के साथ-साथ पीड़ित परिवारों के समर्थन की भी मांग की।

और आरोप लगाया गया कि पूजा समिति के अध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारी इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं। इनमें से कई फरार हैं, जबकि कुछ पुलिस संरक्षण में हैं। टीएमसी ने इनके खिलाफ तुरंत गिरफ्तारियां करने की मांग की है।

टीएमसी के अनुसार, जिन लोगों के नाम प्रोसेनजीत साहा ने लिए हैं, उन्हें जांच में बाधा डालने से रोकना चाहिए। इसके बिना न्याय संभव नहीं है। पार्टी ने पुलिस कमिश्नर और संबंधित अधिकारियों को भी अपने पदों से हटाने की मांग की है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

यह भी बताया गया कि पूजा समिति ने पंडाल पर कब्जा कर रखा था, जिससे कई प्रभावशाली लोग जुड़े हुए थे। उनको जांच से बाहर नहीं रखना न्याय के खिलाफ माना जाएगा। एक स्वतंत्र जांच के बिना इस घटना की सच्चाई सामने नहीं आएगी।

टीएमसी का यह पूरा रवैया इस बात को दर्शाता है कि वे इस त्रासदी की जांच में पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन को कड़ा कदम उठाने के लिए कहा है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

पंडाल हादसे ने कोलकाता के प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक तनाव भी बढ़ा है। अब जनता को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है। सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे इस घटना को गंभीरता से लेकर पीड़ितों की मदद करें।

Source

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!