महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के चोंडी गांव में इंडियन ऑयल कंपनी के एक अधिकारी महेश शेळके की हत्या कर दी गई। यह घटना उस समय हुई जब वे अपने कर्मचारी दल के साथ एक पेट्रोल पंप को सील करने पहुंचे थे। विवाद पेट्रोल पंप के संचालक और उनकी परिवार के सदस्यों के बीच शुरू हुआ, जो हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया।
पेट्रोल पंप सील करने की कार्रवाई के दौरान विवाद
इंडियन ऑयल की टीम पिछले कुछ दिनों से बंद पड़ी इस पेट्रोल पंप को सील करने और टेकओवर करने के लिए पहुंची थी। जैसे ही कारवाई शुरू हुई, पंप संचालक के रिश्तेदार और कंपनी के कर्मचारी भिड़ गए। स्थिति तनावपूर्ण होने लगी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। उस दौरान महेश शेळके पर हमला हो गया, जिसमें उनकी मौत घटना स्थल पर ही हो गई।
यह हमला धारदार हथियार से किया गया था। महेश को गंभीर चोटें लगीं जो उनकी मौत का कारण बनीं। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय पुलिस तुरंत वहां पहुंच गई। उन्होंने जांच शुरू कर दी, दोषियों की पहचान का काम जारी है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर महेश शेळके के निधन पर दु:ख जताते हुए इस हिंसा की कड़ी निंदा की। मंत्री ने कहा कि वह इंडियन ऑयल टीम के सदस्य थे जो पेट्रोल पंप के टेकओवर के लिए ड्यूटी पर थे।
हरदीप पुरी ने सरकार और पुलिस अधिकारियों से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को कानून के तहत जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले। साथ ही उन्होंने दिवंगत अधिकारी के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके सम्मान और सुरक्षा के बिना देश की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित नहीं रह सकती।
महाराष्ट्र सरकार और पुलिस को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और जल्द अभियुक्तों को पकड़ने की कोशिश में लगे हैं।
यह घटना तेल और गैस क्षेत्र में काम करने वालों की सुरक्षा की अहमियत को फिर से उजागर करती है। इस तरह के कृत्य न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं, बल्कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा को भी प्रभावित करते हैं। उद्योग जगत और सरकारी तंत्र दोनों की सहयोगात्मक भूमिका महत्वपूर्ण है ताकि ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
