नई दिल्ली, दिल्ली
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह चुनाव आयोग के खिलाफ देश को गुमराह कर रहे हैं। दुबे ने कहा कि राहुल गांधी इतिहास को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी राजनीति देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
निशिकांत दुबे ने अपने बयान में 1983 के असम के नेल्ली नरसंहार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह घटना रोकी जा सकती थी। उनके मुताबिक, नेल्ली में एक ही रात में लगभग 5,000 बांग्लादेशी मुसलमान मारे गए थे और हजारों लोग घायल हुए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटना में मारे गए कई लोगों के शव बरामद नहीं किए जा सके।
दुबे ने असम में उस समय हुए चुनाव को लेकर तत्कालीन चुनाव आयोग की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त लगातार इस बात पर जोर दे रहे थे कि एसआईआर के बिना असम में लोकसभा और विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1983 में चुनाव कराने का फैसला किया। उन्होंने इस फैसले को मुस्लिम तुष्टीकरण से जोड़ते हुए कहा कि चुनाव के बाद असम में हिंसा भड़क गई। उनके अनुसार, इसके बाद राज्य लंबे समय तक तनाव और हिंसा की स्थिति से गुजरता रहा।
दुबे ने कहा कि भारतीय चुनाव प्रक्रिया में भारतीय मतदाताओं की ही भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के मतदान को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि चुनाव में केवल भारतीय मतदाताओं को मतदान करने का अधिकार होना चाहिए।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि वह चुनाव आयोग के खिलाफ देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक तरीके से उठाने के बजाय उनके प्रभावों को गंभीरता से समझने की जरूरत है।
निशिकांत दुबे का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। दुबे ने वर्तमान राजनीतिक विवाद को 1983 की असम की हिंसक घटना से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं।
