Anuppur, Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में वेयरहाउस से 24 ईवीएम गायब मिलने का मामला सामने आया है। गायब मशीनों में आठ बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। खास बात यह है कि मार्च में वेयरहाउस के पीछे की दीवार क्षतिग्रस्त मिली थी, लेकिन उस समय वहां रखी ईवीएम की सुरक्षा और रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं कराया गया था। सितंबर में मशीनों के भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध मशीनों की संख्या में अंतर सामने आया।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में पंचायत चुनाव के लिए पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने वेयरहाउस में 620 कंट्रोल यूनिट और 1670 बैलेट यूनिट रखी गई थीं। ये मशीनें लंबे समय तक उसी परिसर में रखी रहीं।
16 मार्च को वेयरहाउस के पीछे की दीवार क्षतिग्रस्त मिली। इसके बाद भी उस समय ईवीएम की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था का सत्यापन नहीं कराया गया। 21 सितंबर को मशीनों को पुराने तहसील परिसर से हटाकर पालिटेक्निक महाविद्यालय में संचालित तहसील कार्यालय के भूतल स्थित कक्ष क्रमांक-6 में रखा गया।
मशीनों को नए स्थान पर रखने के बाद 24 से 28 सितंबर के बीच उनका भौतिक सत्यापन कराया गया। इसी प्रक्रिया में रिकॉर्ड में दर्ज संख्या और मौके पर उपलब्ध मशीनों की संख्या में अंतर सामने आया। सत्यापन में आठ बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट कम मिलीं।
इसके बाद प्राथमिक विद्यालय सीतापुर के सहायक शिक्षक फूल सिंह, अनूपपुर तहसीलदार वेद प्रकाश सिंह और सहायक शिक्षक संजय निगम ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में गायब मशीनों के सीरियल नंबर भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में मशीनों के रिकॉर्ड, सीरियल नंबर और वेयरहाउस से संबंधित परिस्थितियों को देखा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि ईवीएम किस समय और किन परिस्थितियों में गायब हुईं।
कोतवाली प्रभारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि ईवीएम मशीनों के नहीं मिलने की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मार्च में वेयरहाउस की दीवार क्षतिग्रस्त मिलने से लेकर सितंबर में ईवीएम के भौतिक सत्यापन तक करीब छह महीने का अंतर रहा। इसी अवधि में मशीनों के गायब होने की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
