अमेरिका: क्या वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ खारिज होगा मामला? इस आधार पर मिल सकती है राहत

न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क

वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका में अपने खिलाफ चल रहे ड्रग तस्करी के मामले को खारिज करने की मांग की है। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के वकीलों ने अमेरिकी अदालत में दलील दी है कि उन्हें राष्ट्राध्यक्ष और प्रथम महिला के रूप में संप्रभु प्रतिरक्षा हासिल है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से उनके खिलाफ लगाए गए आपराधिक आरोपों को समाप्त करने की मांग की है।

मैनहट्टन की संघीय अदालत में बुधवार को दाखिल दस्तावेजों में मादुरो के वकीलों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और लंबे समय से चले आ रहे कानूनी सिद्धांतों के तहत किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के खिलाफ दूसरे देश की अदालत में आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती। वकीलों के मुताबिक, आरोप लगाए जाने के समय जिस देश का नेता अपने देश में राष्ट्राध्यक्ष के रूप में मान्यता प्राप्त था, उसके खिलाफ अमेरिकी अदालत में आपराधिक मुकदमा चलाने का कोई स्पष्ट उदाहरण मौजूद नहीं है।

मादुरो के वकीलों ने अदालत से कहा कि राष्ट्राध्यक्षों को दूसरे देशों की आपराधिक न्यायिक प्रक्रिया से संरक्षण प्राप्त होता है। उनका तर्क है कि यह सिद्धांत आधुनिक कानून से भी पुराना है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संप्रभुता के महत्वपूर्ण नियमों में शामिल है।

17 नवंबर को होगी कानूनी दलीलों पर सुनवाई

मादुरो और फ्लोरेस के खिलाफ ड्रग तस्करी से जुड़े आरोपों पर मुकदमे की सुनवाई अगले साल 1 जून से शुरू होने वाली है। इससे पहले मामले को खारिज करने की मांग पर अदालत में मौखिक दलीलें सुनी जाएंगी। न्यायाधीश एल्विन के. हेलरस्टीन ने इसके लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है।

फ्लोरेस के वकीलों ने भी अलग से दाखिल दस्तावेजों में संप्रभु प्रतिरक्षा का हवाला दिया है। उनका कहना है कि जिस संप्रभुता का लाभ वेनेजुएला को प्राप्त है, उसे केवल वेनेजुएला ही त्याग सकता है।

मादुरो के वकीलों ने एक वैकल्पिक दलील भी दी है। उनका कहना है कि यदि अदालत उन्हें राष्ट्राध्यक्ष के रूप में व्यक्तिगत संप्रभु प्रतिरक्षा का अधिकार नहीं देती, तब भी उनके खिलाफ मामला खारिज किया जाना चाहिए, क्योंकि कथित गतिविधियां उनके आधिकारिक पद और कार्यों से जुड़ी थीं।

आरोप साबित होने पर उम्रकैद तक की सजा संभव

अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि मादुरो ने वेनेजुएला के कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के साथ मिलकर ड्रग तस्करी करने वाले बड़े गिरोहों की मदद की और अमेरिका में बड़ी मात्रा में कोकीन भेजने की साजिश में भूमिका निभाई।

मादुरो और फ्लोरेस के खिलाफ आपराधिक मामला पहली बार छह साल पहले दर्ज किया गया था। यदि जूरी उन्हें अमेरिका में कोकीन भेजने की साजिश में दोषी पाती है, तो दोनों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

मादुरो और फ्लोरेस को जनवरी की शुरुआत में कराकास स्थित उनके घर पर अमेरिकी बलों की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया और तब से वे ब्रुकलिन की एक जेल में बंद हैं।

अब मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अमेरिकी अदालत विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की संप्रभु प्रतिरक्षा से जुड़ी दलील को किस तरह देखती है। अभियोजन पक्ष को मादुरो और फ्लोरेस की याचिकाओं पर अपना जवाब इस महीने के अंत तक दाखिल करना है।

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