चंडीगढ़, हरियाणा
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायकों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। सदन के भीतर नारेबाजी, स्पीकर की वेल तक पहुंचने और कथित धक्का-मुक्की की घटनाओं के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने भी विधायकों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे। कई विधायकों के हाथों में तख्तियां थीं। कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध सदन के बाहर से लेकर विधानसभा के भीतर तक जारी रखा। कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक स्पीकर की वेल तक पहुंच गए और नारेबाजी की, जिससे सदन का कामकाज प्रभावित हुआ।
स्पीकर हरविन्द्र कल्याण को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता की आवाज उठाने और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने का मंच है। लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिन विरोध का तरीका भी लोकतांत्रिक होना चाहिए। उन्होंने विधायकों से अपील की कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सदन की कार्यवाही और उसकी गरिमा का ध्यान रखा जाए।
स्पीकर की सख्ती के पीछे विधानसभा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बताई जा रही है। पिछले सत्रों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठने के बाद इस बार विधानसभा परिसर में सुरक्षाकर्मियों को अधिक सतर्क रखा गया। अध्यक्ष का जोर इस बात पर रहा कि किसी भी परिस्थिति में विधायकों की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने विपक्ष के विरोध के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को घेरना और अपनी बात रखना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके लिए विधानसभा के नियमों और परंपराओं का पालन जरूरी है। उनके अनुसार, लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हुई।
महिपाल ढांडा ने आरोप लगाया कि जब सदन में किसी विधायक को बोलने का अवसर दिया जाता या नेता सदन अपनी बात रखने की कोशिश करते, तब नारेबाजी शुरू हो जाती थी। इससे सदन में चर्चा का माहौल नहीं बन पाया।
विरोध के दौरान बरौदा से कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल द्वारा कांग्रेस के बागी दलित विधायक जरनैल सिंह के हाथ से कागज छीनने की घटना भी सुर्खियों में रही। इस घटना को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के आचरण पर सवाल खड़े किए।
महिपाल ढांडा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधियों के व्यवहार से ऐसा लगा कि उनका रिमोट कंट्रोल दिल्ली से चल रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का विरोध हरियाणा के स्थानीय मुद्दों से अधिक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा दिखाई दिया।
अब विधानसभा में हुए इस हंगामे को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा कांग्रेस पर सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने के संकेत दे रही है।
