नई दिल्ली, दिल्ली
15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जाएगा। राजधानी दिल्ली में मुख्य समारोह लाल किले पर आयोजित होगा। प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर कई जरूरी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
अगर आप भी लाल किले पर कार्यक्रम देखने जा रहे हैं तो सबसे पहले प्रवेश पास की व्यवस्था कर लें।
ऑनलाइन पास जरूरी
लाल किले में प्रवेश के लिए सरकार के ‘आमंत्रण’ पोर्टल से ऑनलाइन पास लेना होगा। पास बुक करने के लिए मोबाइल नंबर और वैध पहचान पत्र जरूरी है।
कार्यक्रम के दिन केवल ऑनलाइन टिकट दिखाना पर्याप्त नहीं होगा। टिकट बुक करते समय जिस पहचान पत्र का इस्तेमाल किया गया है, उसका मूल दस्तावेज साथ रखना जरूरी होगा। 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी अलग टिकट और ID की जरूरत होगी।
ध्यान रखें कि टिकट किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए नहीं दिया जा सकता।
सुबह 4 बजे से शुरू होगी मेट्रो
15 अगस्त को दिल्ली मेट्रो सेवा सुबह 4 बजे से शुरू हो जाएगी। शुरुआत में ट्रेनें 30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। लाल किले तक पहुंचने के लिए लाल किला, जामा मस्जिद और दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन प्रमुख विकल्प हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के कारण सड़क मार्ग पर अतिरिक्त समय लग सकता है। इसलिए मेट्रो से यात्रा करना सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
वाहन से जाने वालों के लिए पार्किंग सुविधा
अगर आप कार या दूसरे निजी वाहन से जाने की योजना बना रहे हैं तो पार्किंग की जानकारी पहले से हासिल कर लें। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लाल किले के आसपास 7 पार्किंग स्थानों को मैप पर चिह्नित किया है।
Mappls ऐप के जरिए QR कोड स्कैन करके संबंधित पार्किंग तक पहुंचने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
किन चीजों की अनुमति नहीं?
सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल पर बैग, पानी की बोतल, छाता, लैपटॉप, पावर बैंक, ईयरफोन और परफ्यूम ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा नुकीली और ज्वलनशील वस्तुओं को भी प्रतिबंधित किया गया है।
बारिश होने पर छाता ले जाने के बजाय रेनकोट का इस्तेमाल करने की सलाह है।
इसलिए लाल किले के लिए निकलने से पहले टिकट, मूल पहचान पत्र और अपने सामान की अच्छी तरह जांच कर लें। नियमों की अनदेखी करने पर आपको प्रवेश द्वार से ही वापस लौटना पड़ सकता है।
इस बार समारोह में खास आकर्षण भी देखने को मिलेगा। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष आयोजन होगा और युवा शक्ति पर भी जोर रहेगा।
