पंजाब कांग्रेस ने बार-बार पेपर लीक के मामले पर मुख्यमंत्री मान के इस्तीफे की मांग की

चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश के सामने जवाबदेह हैं, वैसे ही पंजाब के नेता भी पेपर लीक की घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, “पंजाब ग्रुप-बी के पेपर लीक की घटना को छह महीने से अधिक समय हो चुका है। इससे पहले कक्षा 12 की अंग्रेजी, पीएसटीईटी और फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा के पेपर भी लीक हुए थे। इस दौरान भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में कुल चार बड़े पेपर लीक घोटाले सामने आए हैं, लेकिन अब तक न तो कोई प्रभावी जांच हुई है और न ही किसी ने जिम्मेदारी ली है।” उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि आखिर वे कब इस्तीफा देंगे? पंजाब के युवा इससे जवाबदेही चाहते हैं, बहाने नहीं।

राज्य अध्यक्ष ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के बयान का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने कहा था कि “अगर पंजाब में पेपर लीक होता है तो जिम्मेदार नेता को इस्तीफा देना होगा।” उन्होंने यह बात जिम्मेदारी तय करने के लिए अहम बताया।

उन्होंने बताया कि फार्मेसी के पेपर लीक होने पर पंजाब में भी दिल्ली की तरह छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं, मारपीट की और उन्हें खदेड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह स्पष्ट करना होगा कि फार्मेसी पेपर कैसे लीक हुआ और इस मामले में क्या कार्रवाई की गई।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारें पेपर लीक की गंभीर समस्या को सुलझाने और प्रभावित छात्रों को न्याय देने में नाकाम साबित हुई हैं। उन्होंने कहा, “हमारे युवा इससे बहुत निराश हैं और उन्हें विश्वास दिलाना होगा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।”

वहीं, कांग्रेस प्रदेश समिति ने मंगलवार को सेक्टर 17 प्लाजा में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ प्रबल विरोध प्रदर्शन किया। ये छात्र जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध जता रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

इस बीच, पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में उठ रही ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं और राजनीतिक दल इस मुद्दे पर सख्त रुख अपना रहे हैं। राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

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