श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा के चलते बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में बाधा आई है। स्थानीय पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस के जवानों तथा स्थानीय स्वयंसेवकों ने विपरीत मौसम के बावजूद राहत कार्य जारी रखे हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक मरने वालों की संख्या 12 पहुंच गई है और कई लोग घायल हैं।
बाढ़ की भयंकर परिस्थिति के कारण खराब मौसम ने बचाव कार्यों को काफी प्रभावित किया है। लगातार बारिश की वजह से कई नदियाँ उफान पर हैं और कई सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे प्रभावित इलाकों तक पहुंचना कठिन हो गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है और राहत शिविरों में आश्रय लेने के लिए कहा है।
पुलिस और रेस्क्यू टीमें सभी मुमकिन संसाधनों का उपयोग करते हुए फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में लगी हुई हैं। सेना ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। एसडीआरएफ ने भी कठिन परिस्थितियों के बीच बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों को तत्काल भोजन, पानी और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए सरकार द्वारा अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष देखरेख रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अत्यधिक समस्या न हो।
मौसम विभाग ने भविष्य के कुछ दिनों के लिए भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक सड़क यात्रा से बचें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन लगातार प्रभावितों के संपर्क में है और राहत कार्यों को हर संभव रूप से सुचारू बनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी अपनी ओर से बचाव और राहत कार्यों में सक्रिय योगदान दिया है।
इस विपदा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, पानी के स्रोतों को साफ-सुथरा रखने एवं पुनर्वास कार्यों को शीघ्रता से प्रारंभ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में इस बार की बाढ़ अब तक की भारी वर्षा के कारण आई सबसे विनाशकारी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसकी वजह से हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि प्रभावित लोगों को शीघ्र से शीघ्र राहत मिले और सामान्य जीवन वापस बहाल हो सके।
